चैत्र मास नवमी तिथि अवध में जन्मे राम जिसमें महर्षि वशिष्ठ के कहने की आज्ञा से राजा दशरथ विभांडक ऋषि के आश्रम गए और उनके पुत्र श्रृंग ऋषि से पुत्रेष्ठी यज्ञ की कामना की श्रृंगऋषि ने राजा दशरथ के यहां पुत्र यष्टि यज्ञ किया और अग्निदेव प्रकट हुए और उन्होंने खीर का प्रसाद राज दशरथ को भेंट किया राजा निभा प्रसाद तीनों रानियां को दिया किसके प्रभाव से राजा दशरथ के यहां चार पुत्र हुए जिनका नामकरण श्रीराम, भरत, लक्ष्मण शत्रुघ्न किया गया इस अवसर पर पं श्याम दत्त शर्मा, विष्णु अवतार रूहेला,विकल नागर, महेश त्यागी, विद्या भूषण गर्ग,राम अवतार नागर, भरत अग्रवाल, महावीर गुप्ता, अभिषेक गर्ग, सुनील शर्मा भूरे, राहुल शर्मा, जोगेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे
