मवाना संवाददाता* आज मंगलवार मवाना नगर के तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा और रजिस्ट्री संबंधी सभी कार्य ठप हो गए।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी आदेश के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर धरना दिया तथा अपने चैंबर बंद रखकर कार्य बहिष्कार किया।मवाना सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार तोमर की अध्यक्षता में बार हॉल में एक आम सभा आयोजित की गई। सभा का संचालन सचिव नटवर राणा ने किया। बैठक में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बार के पदाधिकारियों ने भाग लिया और सरकार के आदेश पर विस्तार से चर्चा की।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था के विरोध में 16 और 17 जून को भी रजिस्ट्री कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी मवाना को सौंपा जाएगा।प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। बताया गया कि रजिस्ट्रार सुरेश मौर्य भी उस समय कार्यालय के भीतर मौजूद रहे। इस कारण रजिस्ट्री कार्यालय का कार्य पूरी तरह बाधित रहा।अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं का कहना है कि नई व्यवस्था से उनके कार्यक्षेत्र और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से आदेश वापस लेने और पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
