विकास परिषद और प्रशासन अवैध निर्माण अवैध फैक्ट्री निर्माण के खिलाफ कार्ई नहीं कर रहे हैं। हाल ही में एमडीए ने कई अवैध निर्माणों है पर बुलडोजर चला कर उन्हें ध्वस्त किया है और अभियानों के तहत अवैध निर्माणों को सील किया पर प्रताप नारायण की अवैध फैक्ट्री जो दैनिक जागरण के पीछे अवैध फैक्ट्री के लिए उपयोग में लिया गया है,जोनल अधिकारी निकेता सिंह ने अवैध निर्माण पर सख्त हिदायत देते हुए बंद कर दिया था हाल ही में जोनल अर्पित यादव का क्षेत्र में आ जाने के बाद अवैध निर्माणों को बढ़ावा देते हुए शुरू करा दिए हैं जो नियमों का उल्लंघन में आता है। एमडीए और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसमें प्लॉटों को सील करना, अवैध निर्माणों को रोकना, अवैध निर्माणों को गिराना,और संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज करना शामिल होता है। पर निर्माणकर्ता प्रताप नारायण के अवैध निर्माण को लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौन बैठे हैं।मेरठ में जोन C4 मैं पहले भी प्रताप नारायण कि बिना मानचित्र बिना स्वीकृत राजस्व की हानि पहुंचा कर अवैध फैक्ट्री तैयार कर चुका है :एमडीए लगातार अवैध निर्माणों व फैक्ट्रियों पर कड़ी नजर रखे हुए है और कार्रवाई कर रहा है और उसके बावजूद भी कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिली भगत कर उन अवैध निर्माण को पूरा कर रहे हैं जिन पर पूर्व में जोनल अधिकारी निर्माण को हिदायत देकर रुकवा कर गई थी।मेरठ में पूर्व में भी कई अवैध निर्माणों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही के तहत ध्वस्त किया जा चुका है। उसके बावजूद भी अवैध निर्माणकर्ता प्रताप नारायण मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को खुलने की दबंगई दिखाकर कमर्शियल में अवैध फैक्ट्री को तैयार कर रहा है मेरठ विकास प्राधिकरण के राजस्व को हानि पहुंचाकर बनाई जा रही प्रताप नारायण की कमर्शियल फैक्ट्री की कंपाउंडिंग मेरठ विकास प्राधिकरण के राजस्व को कराई जाए तो करीब लाखों रुपए का राजस्व सरकार को प्राप्त हो सकता है। पर सरकार के राजस्व को अपनी जेब में भरकर इस अवैध निर्माण को जोनल अधिकारी अर्पित यादव के संरक्षण में तैयार कराया जा रहा है। खुलेआम दबंगई दिखाकर अवैध निर्माण करने वाले एवं कराने वाले इसमें शामिल हैं
