कॉन्फ्रेंस के विषय पर यह कहना चाहता हूँ कि जनस्वास्थ्य रक्षक एवं स्वैच्छिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता बहाली सहित कोविड में काम कर चुके हमारे बॉलिंटियर्स को प्रशंसा प्रमाण पत्र व प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाने के साथ-साथ उनमें से 15 प्रतिशत को वरीयता क्रम में संविदा मानदेय अथवा आउटसोर्स पर सरकारी सेवा में रखे जाने और संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में हमारे युवा कार्यकर्ताओं को संचारी वॉलिंटियर के रूप में सेवायोजित किए जाने संबंधी हमारी संस्था के तीन प्रकरण शासन में अरसे से विचाराधीन हैं। इन पर शासकीय कार्यवाही निर्णायक स्थिति में चल रही है।इसके बावजूद कुछ छद्म व्यक्तियों का समूह जिसके सरगना विनय भारती और विनोद अत्री नामक व्यक्ति हैं, वे आएं दिन हमारी संस्था और हमारे वरिष्ठ पदाधिकारियों को फर्जी व मनगढंत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का काम कर रहे हैं। इन लोगों के ग्रुप की फर्जी कूटरचना सामने आने के बाद पिछले महीने संचारी वॉलिंटियर के मामले में स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से जनपदों को जारी होने वाले आदेश में गतिरोध पैदा हो गया था। संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों के प्रयासों से शासन स्तर पर उसे संभाल लिया गया है।हम आज की अपनी कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उनके हर आरोप का खंडन करते हुए यह कहना चाहेंगे कि ये संस्था अपने उद्देश्य के लिए संगठित और समर्पित कार्यकर्ताओं का एक प्रतिष्ठित संगठन है। इसे बदनाम करने की हर एक सुनियोजित साजिश का अब चारों ओर डटकर मुकाबला किया जाएगा।इन लोगों में से एक विनोद अत्री ने हमारे राष्ट्रीय महासचिव जी की धर्मपत्री को पिछले वर्ष ऐसी अशोभनीय गालियां दी थी, जिसे सभ्य समाज कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। अब यही व्यक्ति अपने अपराध पर पर्दा डालने के लिए उन्हें उस कंडीशन में जबकि वे थायराइड के कैंसर
