मेरठ (कंकरखेड़ा) में ज़मीन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें “न्यू ड्रीम सिटी कॉलोनी एक्सटेंशन” के नाम पर आनंदा डेरी की जमीन को फर्जी दस्तावेज़ों और अवैध निर्माण के जरिए हड़पने की कोशिश की गई। आनंदा डेरी ने इस साजिश में भू-माफिया और बिल्डरों की संगठित संलिप्तता का आरोप लगाया है।फर्जी रजिस्ट्री और नक्शे के ज़रिए साजिश:आनंदा डेरी के प्रवक्ता सुशांत पांडे ने बताया कि मैसर्स गायत्री बिल्ड एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रतिनिधियों ने एक फर्जी कॉलोनी नक्शा तैयार कर उसे “न्यू ड्रीम सिटी कॉलोनी एक्सटेंशन” का नाम दिया। इसमें उनकी कंपनी की वैध भूमि को दिखाकर फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई। यह नक्शा किसी भी अधिकृत संस्था द्वारा स्वीकृत नहीं था।अवैध कब्ज़े और तोड़फोड़ का आरोप:बिल्डरों ने आनंदा डेरी की सीमा दीवार को तोड़कर गैरकानूनी निर्माण कर लिया। कई ग्राहकों को गलत जानकारी देकर बैनामे करवाए गए, जिनमें ज़मीन की सीमाएं जानबूझकर अस्पष्ट रखी गईं ताकि धोखाधड़ी को छुपाया जा सके।खुलेआम धमकियां और गुंडागर्दी:पीड़ित कंपनी का आरोप है कि भू-माफिया गिरोह स्थानीय असामाजिक तत्वों और हथियारबंद गुंडों की मदद से ज़मीन पर कब्ज़ा बनाए रखते हैं। कंपनी के कर्मचारियों को धमकाया जाता है और विरोध करने पर जान से मारने तक की धमकी दी जाती है।बिना अनुमति हुए निर्माण कार्य:शिकायत में बताया गया कि ड्रीम सिटी क्षेत्र में ए-ब्लॉक, एल-ब्लॉक और डीसी इंटरनेशनल स्कूल का निर्माण बिना किसी वैध नक्शे या अनुमति के किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सारा निर्माण गैरकानूनी ढंग से किया गया है।संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका:कंपनी के अनुसार नीरज मित्तल नामक व्यक्ति ने बिना किसी लिखित अनुबंध के 5.89 करोड़ रुपये की रकम RTGS व नकद माध्यम से कंपनी के खातों में भेजी। जब कंपनी ने इस पर आपत्ति जताई तो आयकर विभाग को इसकी सूचना दी गई। जांच में पता चला कि उक्त व्यक्ति व उसके सहयोगी इस धनराशि के स्रोत को वैध रूप से स्पष्ट नहीं कर पाए। मामला अब संभावित मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ता नज़र आ रहा है।मेरठ विकास प्राधिकरण की पुष्टि:प्राधिकरण ने 13 मई 2025 को स्पष्ट रूप से कहा कि आनंदा डेरी की जिन खसरा संख्याओं की ज़मीन है, उनका न्यू ड्रीम सिटी कॉलोनी या एक्सटेंशन से कोई वास्ता नहीं है।प्रशासन को कार्रवाई की मांग:इस गंभीर घोटाले को देखते हुए आनंदा डेरी ने डीएम, एसएसपी और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मेरठ विकास प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक ने भी पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए रिपोर्ट भेजी है।बाइट: आनंदा डेरी प्रवक्ता सुशांत पांडे
