( तरुण आहूजा ) आवास विकास चौराहे पर दुर्घटना बनी चेतावनी अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल : मेरठ। शास्त्री नगर आवास विकास चौराहे पर हाल ही में हुई आग लगने की एक घटना ने नगर प्रशासन और अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छुट्टी का दिन होने के कारण यह दुर्घटना बड़ी अनहोनी में बदलने से बाल-बाल बच गई, लेकिन इससे जुड़े कई गंभीर मुद्दे अब लोगों की चिंता का विषय बन गए हैं।🔥 दुर्घटना में क्या हुआ?चौराहे के पास स्थित एक दुकान के इलेक्ट्रिकल यूनिट में अचानक आग लग गई। आग की लपटें तेजी से फैलतीं गई! अग्निशमन विभाग की टीम भी देर से पहुंची, लेकिन सौभाग्यवश किसी व्यक्ति के साथ कोई घटना नहीं हुई हालांकि जानकारी मे लाखो रूपये का नुकसान बताया जा रहा है! ।🧐 बड़ी चिंता की बात: क्या अग्निशमन एनओसी (NOC) है?( बड़ा सवाल ) क्या आवास विकास चौराहे और उसके आसपास बने बड़े रेस्टोरेंट्स जैसे बॉक्सी (Boxy), कैफे, और फूड हब्स ने फायर एनओसी ले रखी है?क्षेत्र के अधिकतर रेस्टोरेंट मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में संचालित हैं, लेकिन फायर एक्सिट, अलार्म, और अग्निशमन यंत्र जैसे बुनियादी इंतज़ाम भी कई जगह नदारद हैं।🚒 अगर आग लगती है तो क्या है तैयारी?1. क्या वहां पर्याप्त अग्निशमन सिलेंडर उपलब्ध हैं?2. क्या स्टाफ को अग्निकांड की स्थिति में प्रशिक्षण दिया गया है?3. क्या पास की गलियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ी आसानी से पहुंच सकती है?4. क्या बाहर से आने-जाने वाले ग्राहकों के लिए कोई इमरजेंसी प्लान है?इन सवालों के जवाब प्रशासन के पास फिलहाल नहीं हैं।⚠️ प्रशासन पर उठे सवाल:जिम छुट्टी की वजह से बंद था नहीं तो न जाने कितनी जिन्दगी हादसे की चपेट मे आती क्योंकि यहाँ आने जाने का एक ही रास्ता था! नगर निगम और अग्निशमन विभाग नियमित निरीक्षण क्यों नहीं करते?क्या रेस्टोरेंट्स और दुकानों से सिर्फ लाइसेंस फीस लेकर चुप बैठ जाते हैं?एनओसी के बिना चल रही दुकानों पर कार्रवाई कब होगी?📢 जनता की मांग:आवास विकास चौराहे और अन्य प्रमुख स्थानों पर फायर सेफ्टी ऑडिट करवाई जाए।जिन प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी नहीं है, उन्हें तुरंत सील किया जाए।रेस्टोरेंट मालिकों को अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्र और प्रशिक्षण दिलाया जाए।✅ समाधान क्या हो सकता है?प्रशासन को तत्काल ऐसे क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए जहाँ भीड़भाड़ और फूड हब्स हैं।सप्ताह में एक बार फायर सेफ्टी ड्रिल करवाई जाए।जनता को भी जागरूक किया जाए कि वे सिर्फ उसी स्थान पर जाएं जहाँ सुरक्षा मानक पूरे हों।यह दुर्घटना चेतावनी है, न कि इत्तेफाक। यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अगली बार हालात काबू से बाहर हो सकते हैं।
