मेरठ/नई दिल्लीआम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता एवं मेरठ जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देश के करोड़ों युवाओं के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की एकजुटता और लगातार चले आंदोलन ने केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में यह पहली बार है जब जनदबाव के चलते किसी केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा है।अंकुश चौधरी ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि पहले किसानों के आंदोलन और अब युवाओं के संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है।उन्होंने मांग की कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 21 छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं पर दर्ज सभी मुकदमे और एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।अंकुश चौधरी ने कहा कि पिछले एक महीने से जंतर-मंतर सहित देशभर में हुए प्रदर्शनों ने युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी युवाओं के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि रोजगार की गारंटी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के अधिकारों के लिए भी आगे बढ़नी चाहिए।उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने होंगे, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित रह सके
