*एएस इंटर कॉलेज में डिजिटल शिक्षा की पहल, 24 स्मार्ट क्लास से छात्राओं को मिलेगी नई उड़ान**मवाना संवाददाता**मवाना में 75 इंच की डिजिटल एलईडी से पढ़ाई करेंगी छात्राएं, नीट-जेईई समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी का भी मिलेगा अवसर*मवाना नगर के मेरठ रोड स्थित एएस इंटर कॉलेज मवाना में छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और उनके सपनों को साकार करने के उद्देश्य से डिजिटल शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिला सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए विद्यालय की सभी कक्षाओं में 75 इंच की 24 स्मार्ट डिजिटल एलईडी लगाई गई हैं। इनके माध्यम से छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक के जरिए शिक्षण कार्य कराया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा से जुड़े अवसरों से वंचित रह जाने वाली छात्राओं को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।*स्मार्ट क्लास से आसान होगी पढ़ाई*विद्यालय में स्थापित की गई स्मार्ट डिजिटल एलईडी के माध्यम से हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का अवसर मिलेगा। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से इतिहास, भूगोल और विज्ञान सहित विभिन्न विषयों को समझना आसान होगा। मानचित्र, चार्ट, डायग्राम और त्रिआयामी (3D) चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयों की जानकारी दी जाएगी।सभी स्मार्ट क्लास को वाई-फाई के जरिए इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इससे एनिमेशन और डिजिटल लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। विद्यालय का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षण से समय की बचत होगी और निर्धारित समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने में भी सहायता मिलेगी।शिक्षकों के लिए 14 अक्टूबर को कार्यशालाडिजिटल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 14 अक्टूबर 2026 को विद्यालय में शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें उन्हें स्मार्ट डिजिटल एलईडी के माध्यम से शिक्षण कार्य करने की प्रक्रिया और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।विद्यालय की योजना के अनुसार, प्रत्येक कालांश में पढ़ाए गए पाठ की पीडीएफ और वीडियो सामग्री व्हाट्सएप के माध्यम से छात्र-छात्राओं तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के हल और उनके उत्तर भी पीडीएफ के रूप में व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो सकेगी और वे जरूरत पड़ने पर उसका दोबारा अध्ययन कर सकेंगे।डिजिटल माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने पर छात्र-छात्राओं को कक्षा में पढ़ाए गए विषयों को दोहराने और कठिन सवालों को समझने में भी मदद मिलेगी।*प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी का अवसर*विद्यालय समय के बाद छात्र-छात्राओं को नीट, जेईई, एनडीए, सीडीएस, पुलिस भर्ती, आर्मी और एयरफोर्स सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराने की योजना भी बनाई गई है। इससे उन विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलें और आर्थिक तंगी उनके शैक्षिक लक्ष्यों में बाधा न बने। आधुनिक डिजिटल संसाधनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के माध्यम से छात्राओं को उच्च शिक्षा तथा रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।*आर्थिक बाधाओं के बीच सपनों को मिलेगी नई दिशा*आज अनेक अभिभावक अपनी बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक समस्याओं के कारण कई बार उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। विद्यालय की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को निखारना और उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा में डिजिटल तकनीक के इस प्रयोग से शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी जैसी सुविधाओं से छात्राओं को अपने सपनों की उड़ान भरने का अवसर मिल सकेगा।
