रिपोर्ट रूचि कोरी
हापुड़, 28 सितंबर 2026।जेएमएस लॉ कॉलेज, हापुड़ के विधि विभाग द्वारा ग्राम तुमरैल में सोमवार को निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना था।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री विकास चौधरी, जिला पंचायत सदस्य, एवं विशिष्ट अतिथि श्री भोपाल सिंह जी, सूबेदार द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को उनके मौलिक एवं कानूनी अधिकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, उपस्थित अधिवक्ताओं द्वारा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक परामर्श एवं सहायता प्रदान की गई।शिविर में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी जागरूक किया गया, जिसके माध्यम से पात्र व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव डॉ. रोहित सिंगल एवं प्रबंध निदेशक डॉ. आयुष सिंगल ने विधि विद्यार्थियों को शिविर के सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। संस्था के निदेशक डॉ. सुभाष गौतम ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता शिविर के महत्व तथा समाज के जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने में विधि विद्यार्थियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।शिविर में पूर्व ग्राम प्रधान श्री बबल चौधरी**, अधिवक्ता असीम शर्मा**, अधिवक्ता नकुल शर्मा, अधिवक्ता सुधीर शर्मा तथा महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम समन्वयक श्री उमेश शर्मा ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को शिविर के उद्देश्य और विधिक सहायता के महत्व के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार, प्राध्यापिका श्वेता वर्मा, रूबी अग्रवाल प्राध्यापक मनीष कुमार, OSD साक्षी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में विधि विद्यार्थी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियाँ न्याय प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए तथा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाना चाहिए। हापुड़ से रुचि कोरी की रिपोर्ट।
