मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग, निजी पेशकार पर सात लाख रुपये मांगने का आरोप*मवाना तहसील न्यायालय में विचाराधीन एक वाद को लेकर नायब तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत की प्रतियां मेरठ मंडलायुक्त, जिलाधिकारी मेरठ और एसडीएम मवाना को भी भेजी गई हैं।*वाद संख्या 2626/2026 का मामला*शिकायत में वाद संख्या 2626/2026, किरणपाल बनाम ग्राम सभा का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वादी के पक्ष में आदेश कराने के नाम पर नायब तहसीलदार के निजी पेशकार द्वारा कथित तौर पर सात लाख रुपये की मांग की गई थी।शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये देने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद वादी के पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने नायब तहसीलदार पर कथित तौर पर 10 लाख रुपये लेने का भी आरोप लगाया है।*न्यायिक प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप*शिकायतकर्ता ने मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि विधिवत आदेश के बिना ही बहस सुनी गई तथा दोनों पक्षों को अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।शिकायत के मुताबिक, वादी पक्ष की ओर से पहले मामले के स्थानांतरण के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया गया था, जिस पर 20 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की गई थी।*निजी पेशकार के माध्यम से रुपये लेने का आरोप*शिकायतकर्ता का आरोप है कि नायब तहसीलदार के न्यायालय में निजी पेशकार के माध्यम से पक्षकारों से रुपये लेकर आदेश पारित कराने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।*जांच पूरी होने तक कार्रवाई पर रोक की मांग*शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक कथित रूप से रुपये लेकर आदेश पारित कराने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही आरोप जांच में सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।नोट: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
