में किसान नेता मोहित जाटव ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें बिना किसी वाजिब कारण के पिछले 36 घंटों से नजरबंद कर रखा है और जंतर-मंतर जाने से रोक दिया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करना अपराध नहीं हो सकता। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता और वह इस कथित अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
