रिपोर्ट लोकेश कुमार।
मेरठ के विकास और पर्यावरण के नाम पर प्रशासन की नाक के नीचे एक बहुत बड़ा खेल खेला जा रहा है, जिसकी हकीकत आज सबके सामने आना ज़रूरी है। मेरठ विकास प्राधिकरण के जोन D-2 में, गढ़ रोड पर स्थित सिसोली गाँव के भीतर पर्यावरण के लिए आरक्षित ‘ग्रीन बेल्ट’ को भू-माफियाओं के हवाले कर दिया गया है। यहाँ लगभग 2000 वर्ग मीटर की विशाल ज़मीन पर, बिना किसी स्वीकृत मानचित्र और बिना किसी कानूनी अनुमति के, एक आलीशान कमर्शियल दुकानों का कॉम्प्लेक्स और बिल्डिंग खड़ी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ आम जनता के छोटे से निर्माण पर विभाग तुरंत नोटिस भेज देता है, वहीं रसूखदार प्रधान के इस अवैध साम्राज्य पर अब तक न तो सीलिंग की कार्रवाई हुई है और न ही ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं। यह सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है और सुप्रीम कोर्ट के ग्रीन बेल्ट संबंधी आदेशों की अवहेलना है। हम इस वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय और मेरठ प्रशासन से सवाल पूछते हैं कि आखिर किसके दबाव में इस अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है? क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए है या फिर सिसोली के इस अवैध कॉम्प्लेक्स पर भी शासन का बुल्डोजर गरजेगा?”
