CCSU मेरठ के पत्रकारिता विभाग में SC छात्र के एडमिशन प्रकरण पर NCSC का अनुस्मारक-II, 7 दिन में रिपोर्ट मांगी :

CCSU मेरठ के पत्रकारिता विभाग में SC छात्र के एडमिशन प्रकरण पर NCSC का अनुस्मारक-II, 7 दिन में रिपोर्ट मांगी :

मेरठ, 27 अगस्त 2026। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU), मेरठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में वर्ष 2021 के प्रवेश प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC), भारत सरकार ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अनुस्मारक-II जारी किया है। अनुसूचित जाति के छात्र मयंक कुमार वर्मा की शिकायत पर चल रही कार्रवाई में आयोग ने CCSU के रजिस्ट्रार से अपेक्षित सूचना 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है।आयोग के 27 अगस्त 2026 के अनुस्मारक-II में कहा गया है कि इस मामले में आयोग द्वारा पूर्व में 11 जून 2026 और 4 अगस्त 2026 को पत्र जारी किए गए थे। निर्धारित समय में अपेक्षित सूचना उपलब्ध नहीं होने पर आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को दोबारा निर्देशित किया है कि मामले की आवश्यक सूचना बिना किसी विलंब के 7 दिनों के भीतर आयोग को भेजी जाए, ताकि आयोग के अध्यक्ष को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके।मामला मेरठ निवासी मयंक कुमार वर्मा की उस शिकायत से संबंधित है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में CCSU के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में प्रवेश के दौरान उनके साथ जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न तथा शिक्षा से वंचित किए जाने जैसा व्यवहार किया गया।शिकायतकर्ता के अनुसार, सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने और प्रवेश शुल्क जमा कराने के बावजूद उनका प्रवेश विश्वविद्यालय पोर्टल पर लॉक नहीं किया गया। आरोप है कि उन्हें कुछ समय तक नियमित रूप से कक्षाओं में बैठने दिया गया, लेकिन उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। शिकायत में विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने तथा जातिसूचक टिप्पणियां किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में उन पर दबाव बनाकर प्रवेश वापस लेने संबंधी आवेदन लिखवाया गया और जमा की गई फीस उनके बैंक खाते में वापस कर दी गई।मयंक कुमार वर्मा ने आयोग को दी शिकायत में बताया है कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें मानसिक रूप से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने मामले से संबंधित दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, ई-मेल पत्राचार, ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही है।NCSC ने अब क्या निर्देश दिए?27 अगस्त को जारी अनुस्मारक-II में आयोग ने CCSU के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि मामले से संबंधित अपेक्षित सूचना पत्र प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर आयोग को भेजी जाए।यह अनुस्मारक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आयोग के पूर्व पत्रों के बावजूद अपेक्षित सूचना समय पर उपलब्ध नहीं हुई। अब आयोग ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दोबारा समयबद्ध तरीके से जवाब देने का निर्देश दिया है।शिकायतकर्ता मयंक कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि NCSC की प्रक्रिया से वर्ष 2021 के पूरे घटनाक्रम के तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और यदि किसी स्तर पर उनके अनुसूचित जाति के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय होगी।जारीकर्ता:मयंक वर्माजिला युवा अध्यक्ष, मेरठएंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडियासंपर्क: 8077396557

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *