मेरठ के चर्चित सौरभ मर्डर केस में मुख्य आरोपी साहिल शुक्ला को जेल में बंद हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब इस केस में एक नया मोड़ सामने आ रहा है। साहिल का परिवार उसे जेल से छुड़ाने और कोर्ट में मजबूत बचाव के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। परिवार अब सरकारी वकील पर निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि एक निजी वकील (प्राइवेटलॉयर) की तलाश कर रहा है, जो कोर्ट में साहिल की तरफ से प्रभावशाली तरीके से पैरवी कर सके।परिवार पूरी ताकत से लगा बचाव में साहिल के पिता नोएडा में रहते हैं, मां का निधन पहले ही हो चुका है। उसका एक भाई विदेश में है जबकि एक भाई और बहन एनसीआर में रह रहे हैं। इस परिवार ने साहिल को सजा से बचाने के लिए एकजुट होकर कानूनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। अब तक साहिल से मिलने उसकी नानी तीन बार और उसका बड़ा भाई दिव्यांशु एक बार जेल आ चुका है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद जब केस गंभीर मोड़ में पहुंचा, तभी से परिवार की गतिविधियां तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि कोई कानून का जानकार व्यक्ति या वकील इस परिवार को सलाह और रणनीति देने में मदद कर रहा है।वकील मिलने में आ रही दिक्कतहालांकि साहिल का परिवार एक सक्षम और अनुभवी वकील की तलाश कर रहा है, लेकिन अब तक कोई भी वकील उनका केस लेने को तैयार नहीं हो रहा। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि यह केस समाज और मीडिया में काफी संवेदनशील और चर्चित है, जिसमें मुस्कान नाम की युवती और सौरभ के बीच के संबंध और फिर हत्या ने माहौल को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है।जेल प्रशासन को पत्र लिखकर मांगी मददवरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, साहिल ने पहले ही जेल प्रशासन को एक पत्र देकर निजी वकील की व्यवस्था करने की इजाजत मांगी थी। अब उसके भाई ने भी बाहर कुछ वकीलों से संपर्क किया है। जेल प्रशासन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि आरोपी को न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखने का पूरा अधिकार है।मुस्कान के परिवार ने तोड़ा रिश्ता, साहिल को मिल रहा समर्थनइस पूरे प्रकरण में जहां मुस्कान के माता-पिता ने उससे हर संबंध खत्म कर लिया है, वहीं साहिल का परिवार लगातार उसके साथ खड़ा है। मुस्कान से मिलने या उससे कोई संपर्क करने की कोशिश उसके परिवार की ओर से अब तक नहीं की गई है, जबकि साहिल से मिलने उसका परिवार लगातार पहुंच रहा है।निष्कर्षसाहिल शुक्ला का परिवार अब हर कानूनी विकल्प को आजमाने में लगा है। जेल से जमानत (बेल) दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए वे निजी वकील की तलाश कर रहे हैं। मामला जितना संवेदनशील है, उतनी ही रणनीतिक तैयारी परिवार कर रहा है। आने वाले दिनों में अगर कोई वकील साहिल की तरफ से केस लड़ने को तैयार होता है, तो इस केस की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।
